जेहादी फुरकान खान को हिन्दू धर्म का अपमान करने पर मिली ऐसी सज़ा जिसको लेकर रहेंगी हमेशा “सॉरी”
जेहादी फुरकान खान को मिली सज़ा : कश्मीर की जेहादी महबूबा मुफ्ती जब से जेल में बंद है तब से लग रहा था कि अब कोई मुसलमान जेहादी औरत ज़हर नहीं उगलेगी हमारे हिंदू धर्म के खिलाफ लेकिन अचानक से दिल्ली के यूएस नेशनल पब्लिक रेडियो में काम करने वाली फुरखान खान का दिमाग उसके आकाओं ने ऐसा घुमाया कि वह बिना मतलब हिंदू धर्म पर हमला करने के लिए अपने जिहादी ट्वीट के साथ सामने आ गई।
अपने ट्वीट में इस इस्लामवादी फुरकान खान ने कहा कि भारतीयों को हिंदू धर्म छोड़ देना चाहिए क्योंकि इससे उनकी ज्यादातर समस्याएं सुलझ जाएंगी। यह सभी पेशाब पीने और गोबर की पूजा में लगे रहते हैं इससे क्या होता है?

जेहादी फुरकान खान को मिली सज़ा : पूरा घटनाक्रम ऐसा हुआ तो निष्कर्ष तो ऐसा होना ही था !
9 सितंबर को किए इस ट्वीट के बाद बवाल क्यों नहीं खड़ा होता ? फुरकान खान को दक्षिणपंथी ही नहीं इस विचारधारा से विपरीत सोच रखने वाले हिंदुओं ने भी और यहां तक कि आश्चर्यजनक रूप से मुसलमानों ने भी आड़े हाथों लिया। इसके बाद फुरकान खान के पास बोलने या खुद के बचाव में कुछ भी नहीं था तो उसने गलती सुधारते हुए ट्वीट को डिलीट करना ही उचित समझा। उसने सफाई केतौर एक उत्तर जरूर दिया कि उन्हें मिसइंटरप्रेट यानी गलत तरीके से पेश किया गया है।
उसके बाद उन्होंने अपने गुनाहों को कबूल ही कर लिया और हिंदू धर्म पर किए अपने घटिया अपमानजनक और घृणात्मक जिहादी ट्वीटपर माफी मांगी साफ-साफ कहा कि मुझे गलत समझा गया है और मेरा कृत अस्वीकार्य है।
मैंने उस चीज़ को डिलीट कर दिया , मेरा मकसद हिंदू धर्म की छवि को धूमिल करने का नहीं थाऔर ना ही किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाना था ,यह मेरे उसूलों और विश्वास की बात को जाहिर नहीं करता। जब इस जिहादी ने साफ साफ तौर पर लड़ाई लड़नी चाहिए वह भी राइट विंग साइबर आर्मी से तो वह हार गई क्योंकि ना ही उनको राणा अय्यूब और ना ही बरखा दत्त ना ही जेल जाने से बची शहला रशीद जैसी लेफ्ट जिहादी औरतों ने मदद की जो कि खुद आए दिन ऑनलाइन पिटती रहती हैं।
डुसु इलेक्शन 2019 में एबीवीपी की हैट्रिक वाली जीत , अब जेएनयू की बारी ?
I wholeheartedly apologize for my tweet earlier. It was ill considered & unacceptable. I deleted it. I didn't mean to disparage Hinduism or hurt anyone's feelings. It doesn't reflect my beliefs and principles. Please accept my sincere regret. I'll be off Twitter for a while.
— Furkan Khan (@Furkan_Khan) September 11, 2019
मामला इतना तूल पकड़ चुका था कि दिल्ली पुलिस को नेशनल पब्लिक रेडियो यूएसए से इस मामले पर आधिकारिक स्पष्टीकरण मांगना पड़ा नेशनल पब्लिक रेडियो ने एक बयान जारी कर फुरकान खान से पल्ला झाड़ते हुए कहा कि वह उनके बयान से बिल्कुल सहमत नहीं है और यह संस्थान की विचारधारा के विपरीत है और यह कृत बेहद निंदनीय है और संस्थान इसकी निंदा करता है और इसे बिल्कुल भी स्वीकार नहीं करता है। इसके बाद फुरखान खान ने इस्तीफा दे दिया है और अब वह गुमनामी में जाने के लिए तैयार हैं।

चार क्षणों की दो कौड़ी की सफलता के लिए सदैव सहिष्णु रहे हिंदू धर्म पर आघात करने का परिणाम दंड के साथ और फुरकान खान जैसी जेहादी इस्लामवादी औरत को मिल ही गया , जिंदगी भर याद रखेंगे कि ज़ुबान की दुकान खोलने से पहले अक्ल का इस्तेमाल कर लेना चाहिए।
समय आ गया है कि लेफ्ट , लीब्रण्डू और इस्लामवादी जेहादी लोग इस बात को समझ ले कि देश की बहुसंख्यक हिंदू आबादी अब उनके हर एक छोटे हमले का जवाब बड़े हमले से देगी। वे लोग इस बात को नोट कर लें – “जो हिंदू को छुएगा , वह चकनाचूर होयेगा।”

Web Journalist
Ex- Punjab Kesari, Bihar Express, Unacademy

